Success Story in Hindi | सफलता की कहानी हिंदी में

Success Story In Hindi | सफलता की कहानी हिंदी में

आज हर एक व्यक्ति अपने जीवन मे Success होना चाहता है फिर वह एक स्कूल-कॉलेज जानेवाला विद्यार्थी हो सकता है या जॉब करने वाला व्यक्ति हो सकता है या अपने घर को संभालने वाली महिला हो सकती है यह सब किसी ना किसी कार्य मे Success होना चाहते है

इसलिये हम Success Story in Hindi मे कुछ Hindi Storys को देखने वाले है जिन Story को पढकर आपको कही सारी बाते सीखने को मिलेंगी उन सीखी हुई बातो को अपने जीवन मे उपयोग करके अपने जीवन को successful बना सकते है तो हम Success Story in Hindi इस लेख को शुरु करते है

Success Story in Hindi इस लेख की पहली Story है

मेंढक बना विजेता

बहुत समय पहले की बात है एक तालाब में बहुत सारे मेंढक रहते थे तालाब के बीच एक काफी पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था जिसे उस तालाब को बनवाने वाले राजा ने लगवाया था खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी थी

एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए रेस में भाग लेने वाली प्रतियोगियों को खम्भे के उपर चढ़ना है और जो पहले ऊपर पहुच जाएगा वही विजेता माना जाएगा रेस का दिन आ गया चारो तरफ बहुत भीड़ थी सभी इलाकों से मेंढक इस रेस में हिस्सा लेने पहुचे थे माहौल में गर्मी थी हर तरफ शोर था

रेस शुरू हुई पर खम्भे को देखकर एकत्रीत हुए किसी भी मेंढक को यह यकीन नहीं था कि कोई भी मेंढक ऊपर तक पहुंच सकेगा यह बहुत कठिन है कभी ये रेस पूरी नहीं कर पायंगे

जितने का तो कोई सवाल ही नहीं है इतने चिकने खम्भे पर चढ़ा ही नहीं जा सकता
सभी और यही बाते हो रही थी

वैसे हो भी रहा था जो मेंढक कोशिश करता थोडा ऊपर जाकर नीचे फिसल जाता
कई मेंढक बार बार गिरने के बावजूद अपने प्रयास में लगे हुए थे

लेकिन उन्ही मेंढकों मे एक छोटा सा मेंढक था जो बार बार गिरने पर भी ऊपर चढ़ने में लगा हुआ था वो लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा, और आखिर वह खम्भे के ऊपर पहुच गया और रेस का विजेता बना

सभी मेंढक उसे घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे की तुमने ये कैसे कर दिखाया तुम्हे लक्ष्य प्राप्त करने की ताकद कहाँ से आयी ज़रा हम सभ को भी बताओ कि तुमने ये जीत कैसे प्राप्त की तभी पीछे से एक आवाज़ आयी अरे उसे क्या पूछते हो वो तो बहरा है

दोस्तों हम सभी के अन्दर लक्ष्य प्राप्त करने की ताकद होती है परंतु हम अपने चारों तरफ मौजूद नकारात्मकता के वजह से खुद को कम समझ बैठते हैं और हमने जो अपने भविष्य केलिये सपने देखे होते हैं उन्हें पूरा करने की कोशिश करना छोड देते हैं

आवश्यकता इस बात की है हम हमें कमजोर करने वाली हर एक आवाज के प्रति बहरे और ऐसे हर एक दृश्य के प्रति अंधे हो जाएँ और मन लगाकर कोशिश करें तब हमें सफलता के शिखर पर पहुँचने से कोई नहीं रोक पायेगा

Success Story in Hindi इस लेख की दुसरी Story है

सुशील कुमार

सुशील कुमार सोलंकी जन्म 26 मई 1983 एक भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान हैं 66 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने 2010 ओलंपिक में रजत पदक और 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता जिससे वह दो ओलंपिक पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय पहलवान बन गया सुशील कुमार ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए बैटन रिले में प्रिंस चार्ल्स बैटन की रानी को प्रस्तुत किया सुशील ने 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता

कुमार ने 14 साल की उम्र में पहलवानी की ट्रेनिंग चौथाई स्टेडियम अखाड़ों से शुरू की उन्होंने फ्रीस्टाइल कुश्ती के लिए चुने जाने के बाद 1998 में विश्व कैडेट खेलों में प्रवेश किया उन्होंने अपने वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता फिर 2000 एशियाई जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता 2003 में उन्होंने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता

सुशील कुमार 2003 विश्व चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर थे लेकिन भारतीय मीडिया द्वारा उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया लेकिन 2004 के एथेंस ओलंपिक में वह 60 किलोग्राम वजन वर्ग में 14 वें स्थान पर रहे उन्होंने 2005 और 2007 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते 2007 विश्व चैंपियनशिप में वह सातवें स्थान पर रहे स्वतंत्र भारत के लिए दो ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले व्यक्ति बने कुमार को 2006 में अर्जुन पुरस्कार और 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया

Success Story in Hindi इस लेख की तिसरी Story है

विद्या का दुरुपयोग पड गया महंगा

एक व्यक्ति पशु पक्षियों का व्यापार किया करता था एक दिन उसे पता चला कि उसके गुरु को पशु पक्षियों की बोली समझ आती है उसके लागा कि कितना अच्छा हो अगर यह विद्या उसे भी मिल जाये तो उसके लिए भी यह फायदेमंद हो वह पहुँच गया अपने गुरु के पास और उनकी खूब सेवा की फिर उनसे यह विद्या सिखाने के लिए आग्रह किया

उसके गुरु ने उसे विद्या सिखा दी लेकिन साथ उसे यह चेतावनी भी दी कि अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल ना करें अन्यथा उसे इस के दुष्परिणाम भोगने पड़ेगे आदमी ने इसे स्वीकार कर लिया और जब वह घर गया, तो उसने अपने कबूतर साथी को यह कहते सुना कि मालिक का घोड़ा दो दिन बाद मरने वाला है। इस पर उस व्यक्ति ने अगले ही दिन घोड़े को अच्छे दाम मे बेच दिया अब उसे भरोसा होने लगा था कि पशु पक्षी एक दूसरे को अच्छे से जानते है

अगले दिन उसने अपने कुत्ते को कहते हुए सुना की मुर्गिया जल्दी ही मर जाएँगी तो उसने बाजार जाकर उसकी सारी मुर्गियां अच्छे दामों पर बेच दि और कुछ दिनों बाद उसने सुना कि अधिकतर मुर्गियां किसी महामारी के वजह से मर चुकी है तो वह बहुत खुश हुआ कि मेरा नुकसान नहीं हुआ

हद तो तब हो गयी जब उसने एक दिन अपनी बिल्ली को यह कहते हुए सुना कि हमारा मालिक अब तो कुछ ही दिनों का मेहमान है तो उसे पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ लेकिन बाद में अपने गधे को भी उसने वही बात दोहराते हुए सुना तो वो घबरा कर अपने गुरु के पास गया और उनसे सारी बात गुरु को बातादि

इस पर गुरु ने उसे कहा कि मूर्ख मेने पहले ही तुझे कहा था कि अपने फायदे के लिए इस विद्या का उपयोग मत करना क्योंकि सिद्धियाँ न किसी की हुई है और न किसी की होंगी इसलिए मेने तुझसे कहा था कि अपने फायदे के लिए और किसी के नुकसान के लिए इनका प्रयोग मत करो

Success Story in Hindi इस लेख की चौथी Story है

गलत मार्ग का गलत अंजाम

एक गाव में किसान दम्पती रहते थे किसान वृद्ध था पर उसकी पत्नी युवती थी अपने पति से संतुष्ट न रहने के कारण किसान की पत्नी सदा पर पुरुष की टोह में रहती थी इस कारण एक क्षण भी घर में नहीं ठहरती थी

एक दिन किसी ठग ने उसको घर से निकलते हुए देख लिया उसने उसका पीछा किया और जब देखा कि वह एकान्त में पहुँच गई तो उसके सम्मुख जाकर उसने कहा देखो मेरी पत्नी का देहान्त हो चुका है मैं तुम पर अनुरक्त हूं मेरे साथ चलो

अगर ऐसा है, तो मेरे पति के पास बहुत अधिक संपत्ति है, बुढ़ापे के कारण वह आगे नहीं बढ़ सकते हैं, मैं उन्हें लेकर आती हूं ताकि हमारा भविष्य खुशहाल रहे

ठीक है जाओ कल प्रातःकाल इसी समय इसी स्थान पर मिल जाना इस प्रकार उस दिन वह किसान की स्त्री अपने घर लौट गई रात होने पर जब उसका पति सो गया तो उसने अपने पति का धन समेटा और उसे लेकर प्रात काल उस स्थान पर जा पहुंची दोनों वहां से चल दिए

वे दोनों अपने गाँव से बहुत दूर आ गए थे, जब एक गहरी नदी रास्ते में मिली, उस समय, धमकाने वाले ने अपने मन में सोचा कि मैं इस महिला को अपने साथ क्या ले जाऊंगा और फिर कोई उसकी तलाश करते हुए उसके पीछे आ गया। एक संकट भी है, इसलिए किसी तरह हमें सारे पैसे हड़प कर अपने शरीर से छुटकारा पाना चाहिए।

यह विचार कर उसने कहा नदी बड़ी गहरी है पहले मैं गठरी को उस पार रख आता हूं तुमको अपनी पीठ पर लादकर उस पार ले चलूंगा। दोनों को एक साथ ले चलना कठिन है ठीक है ऐसा ही करो

किसान की स्त्री ने अपनी गठरी उसे पकड़ाई तो ठग बोला अपने पहने हुए गहने कपड़े भी दे दो जिससे नदी में चलने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी और अगर कपड़े गीले नहीं हुए, तो भी उसने ऐसा ही किया और बदमाश नदी के दूसरी तरफ चला गया, इसलिए वह वापस नहीं आया।

अपने दुष्कर्मों के कारण वह महिला कहीं नहीं है, इसलिए कहा जाता है कि उसे अपने फायदे के लिए अधर्म का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।

Success Story in Hindi इस लेख मे आपने सभी Story को ठीक से पढ लिया होगा और आपको इन Story से कही अलग अलग बाते सिखने को मिली है उनका उपयोग जरूर करिये

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